उस दिन के बाद, दुनिया के वैज्ञानिकों ने प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का रास्ता अपनाया। और आदित्य ने तारों भरे आकाश में देखा, एक नए सपने के साथ – जहाँ मानवता और प्रकृति के बीच युद्ध न हो, बल्कि एक सुंदर संतुलन हो।
इन हमलों को 'जियोस्टॉर्म' (भू-तूफान) का नाम दिया गया। आदित्य वर्मा को शक हुआ कि डचमैन में कोई गड़बड़ी है। वे अपनी टीम के साथ अंतरिक्ष स्टेशन पहुँचे। उन्हें पता चला कि किसी हैकर ने डचमैन के कोड में घुसपैठ कर, उसे हथियार में बदल दिया था। अब हर प्राकृतिक आपदा मानव निर्मित थी, और वह भी बहुत भयानक रूप में। geostorm in hindi
वर्ष 2050। जलवायु परिवर्तन ने दुनिया को तबाह कर दिया था। बाढ़, सूखा, भूकंप और भीषण तूफान आम बात हो चुके थे। इस आपदा से बचने के लिए दुनिया के सभी देशों ने मिलकर एक अंतरिक्ष मंच, "डचमैन" (Dutchman) बनाया। यह अनगिनत उपग्रहों का एक जाल था, जो पृथ्वी के मौसम को नियंत्रित करता था। उस दिन के बाद